
गुपचुप गुपचुप चुप चुप
गुपचुप गुपचुप चुप चुप
गुपचुप गुपचुप चुप चुप
गुपचुप गुपचुप चुप चुप
दो दिल मिल रहे हैं
दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
सबको हो रही है
हाँ सबको हो रही है
खबर चुपके चुपके
हो...दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
सांसों में बड़ी बेकरारी
आँखों में कई रत जगे
कभी कहीं लग जाये दिल तो
कहीं फिर दिल ना लगे
अपना दिल मैं, ज़रा थाम लूं
जादू का मैं, इसे नाम दूं
जादू कर रहा है
जादू कर रहा है
असर चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
ऐसे भोले बन कर हैं बैठे
जैसे कोई बात नहीं
सब कुछ नज़र आ रहा है
दिन है ये रात नहीं
क्या है कुछ भी, नहीं है अगर
होठों पे है, ख़ामोशी मगर
बातें कर रहीं हैं
बातें कर रहीं हैं
नज़र चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
कहीं आग लगने से पहले
उठता है ऐसा धुंआ
जैसा है इधर का नज़ारा
ओ वैसा ही उधर का समा
दिल में कैसी कसक सी जगी
दोनों जानिब बराबर लगी
देखो तो इधर से
देखो तो इधर से
उधर चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
सबको हो रही है
हाँ सबको हो रही है
खबर चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
गुपचुप गुपचुप चुप चुप
गुपचुप गुपचुप चुप चुप
मगर चुपके चुपके
मगर चुपके चुपके
चुपके चुपके
हाँ हाँ चुपके चुपके