作词 : Turaz
作曲 : Turaz
धुँधली-धुँधली शाम हुई
अब तो वापस आ जाओ
के इस समय तो परिंदे भी लौट आते हैं
तुम्हारे बाद हमारा हाल ऐसा है
के जैसे साज़ के सब तार टूट जाते हैं
♪
तुम तो गए पर याद ना गई
ज़ुबाँ से मेरी फ़रियाद ना गई
गुज़री ना ऐसी कोई साँस जिसमें तुम्हारा नाम ना हो
तब तक करूँगा याद मैं जब तक उम्र तमाम ना हो
तुम्हारे हाथ से मेरा यूँ छूटा
के जैसे भीड़ में कुछ हाथ छूट जाते हैं